भारत की आत्मा उसके गांवों में बसती है। यदि गांव समृद्ध होंगे तो भारत स्वतः समृद्ध हो जाएगा।
आज हमारा देश कृषि संकट, ग्रामीण बेरोजगारी, रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव और गांवों से शहरों की ओर पलायन जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों का समाधान केवल योजनाओं से नहीं बल्कि एक समग्र ग्रामीण विकास मॉडल से संभव है।
इसी सोच के साथ जीवन दर्पण वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा "हर गांव में गौशाला – नेतृत्व की पाठशाला" के विचार पर आधारित राष्ट्रीय ग्राम समृद्धि स्वराज परियोजना प्रारंभ की गई है।
इस मिशन का उद्देश्य केवल गौशाला बनाना नहीं है बल्कि गौशालाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती, पंचगव्य आधारित उद्योग और ग्रामीण नेतृत्व विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
हमारा विश्वास है कि यदि गांव आत्मनिर्भर बनते हैं तो किसान, युवा और ग्रामीण समाज आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होंगे।
हम सभी किसानों, युवाओं, सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों, CSR संस्थाओं और सरकारी संस्थानों से इस राष्ट्रीय अभियान में सहभागी बनने का आह्वान करते हैं।
आइए हम सब मिलकर आत्मनिर्भर गांव और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम बढ़ाएं।
भारत के गांवों को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना।
गौशाला आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और पंचगव्य उद्योगों के माध्यम से गांवों में रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व विकास को बढ़ावा देना।
जब गांव मजबूत होंगे तब राष्ट्र मजबूत होगा।
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